​भील प्रदेश: ‘देशज’ मालिकों की विरासत पर ‘संवैधानिक डकैती’ का पर्दाफाश

Bhil Pradesh: A historical and cultural vision for Adivasi autonomy and self-governance in Central India.

यह कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं है, यह 5000 साल पुरानी पहचान को मिटाने के लिए रचे गए ‘प्रशासनिक और राजनीतिक षड्यंत्र’ के खिलाफ एक युद्ध है। जब दुनिया सभ्य नहीं हुई थी, तब हम इस मिट्टी के ‘मूल बीज मालिक’ थे। ​ 1. आदिवासियों की पहचान ‘देशज’ से ‘वनवासी’ बनाने के पीछे का असली षड्यंत्र … Read more

टंट्या मामा की ‘भील पलटन’: वो अजेय सेना जिसने हिला दी थी ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें!

Bhil Corps: The historical military force formed by the British in the early 19th century in Central India, reflecting Bhil tribal martial history.

लोग जिन्हें ‘अनपढ़’ और ‘जंगली’ कहकर मजाक उड़ाते थे, उन्हीं आदिवासियों ने जब अपनी माटी की रक्षा के लिए हथियार उठाए, तो दुनिया की सबसे आधुनिक सेना (अंग्रेज) के पसीने छूट गए। जननायक टंट्या मामा ने किसी सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि अपनी ‘पारंपरिक ग्राम सभाओं’ और ‘रूढ़िगत व्यवस्था’ के जरिए समाज को एकजुट किया … Read more

“ग्राम सभा: संविधान की सर्वोच्च शक्ति | PESA कानून की गारंटी”

Gram Sabha: The supreme decision-making body in Adivasi areas under PESA Act 1996 for self-governance and tribal empowerment

“जोहार साथियों! आज हम एक बहुत ही गंभीर विषय पर बात कर रहे हैं। हमारे आदिवासी क्षेत्रों में, सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि हमारी ‘ग्राम सभा’ सर्वोच्च है। यह कोई साधारण सभा नहीं है, बल्कि संविधान की अनुच्छेद 13(3)(क) और PESA कानून द्वारा मान्यता प्राप्त हमारी प्राकृतिक संसद है।ग्राम सभा की सर्वोच्च शक्ति और संविधान की … Read more

ग्राम सभा की शक्ति (भाग-2): रूढ़ि प्रथा और PESA कानून की असली ताकत

Gram Sabha: The supreme decision-making body in Adivasi areas under PESA Act 1996 for self-governance and tribal empowerment

“जोहार! हमारे पुरखों ने हमें जो व्यवस्था दी है, वही हमारा असली कानून है। संविधान की धारा 13(3)(क) और PESA कानून हमें अपनी रूढ़िवादी परंपरा (Customary Law) के अनुसार जीने का हक देते हैं।ग्राम सभा की बड़ी शक्ति:प्राकृतिक न्याय: ग्राम सभा कोई सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि हमारी प्राकृतिक संसद है।रूढ़ि प्रथा का संरक्षण: PESA कानून … Read more