क्या हम अपने पूर्वजों की ‘नालायक औलाद’ हैं? अनुच्छेद 342-366, आदिवासी पहचान और हमारे संवैधानिक विशेषाधिकारों का महा-इतिहास!

भगवान बिरसा मुंडा और टंट्या मामा के साथ एक आदिवासी युवक का चित्रण, जो अपने संवैधानिक ST (आदिवासी) प्रमाण पत्र और भारत के संविधान को दिखा रहा है। पोस्टर में अनुच्छेद 342-366 के तहत आदिवासियों के विशेष अधिकारों, जल-जंगल-जमीन के संघर्ष और संवैधानिक सुरक्षा का संदेश दिया गया है।"

प्रस्तावना: बेलन घाटी से भीमबेटका तक—शहीदों के रक्त से सींचा हमारा इतिहास ​आज adivasilaw.in पर एक ऐसा सच बयां हो रहा है जो आपकी रगों में दौड़ते उस गौरव को जगा देगा। हमारा इतिहास बेलन नदी घाटी की खुदाई से लेकर विंध्याचल, सतपुड़ा और अरावली की पर्वतमालाओं तक फैला है। भीमबेटका की गुफाओं की चित्रकारी … Read more

टंट्या मामा की ‘भील पलटन’: वो अजेय सेना जिसने हिला दी थी ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें!

Bhil Corps: The historical military force formed by the British in the early 19th century in Central India, reflecting Bhil tribal martial history.

लोग जिन्हें ‘अनपढ़’ और ‘जंगली’ कहकर मजाक उड़ाते थे, उन्हीं आदिवासियों ने जब अपनी माटी की रक्षा के लिए हथियार उठाए, तो दुनिया की सबसे आधुनिक सेना (अंग्रेज) के पसीने छूट गए। जननायक टंट्या मामा ने किसी सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि अपनी ‘पारंपरिक ग्राम सभाओं’ और ‘रूढ़िगत व्यवस्था’ के जरिए समाज को एकजुट किया … Read more

खौफ का दूसरा नाम ‘भील पलटन’: जननायक टंट्या मामा का उलगुलान और 243-M की शक्ति!

Jannayak Tantya Mama: The legendary tribal revolutionary and freedom fighter who led the struggle against British colonial rule in Central India.

न्यूज़पेपर सुर्खी (1889): “लंदन का ‘द पॉल मॉल गजट’ कांप उठा था जब उसने भारत के इस ‘मसीहा’ की वीरता की कहानियाँ छापी थीं। गद्दारों ने डकैत कहा, पर दुनिया ने उन्हें ‘जननायक’ माना!” महत्वाकांक्षी दलाल, साहूकार और ‘भील पलटन’ की ललकार ​जब इस देश के महत्वाकांक्षी दलाल, अंग्रेज हुकूमत और वे साहूकार (जो भारत … Read more