क्या हम अपने पूर्वजों की ‘नालायक औलाद’ हैं? अनुच्छेद 342-366, आदिवासी पहचान और हमारे संवैधानिक विशेषाधिकारों का महा-इतिहास!

भगवान बिरसा मुंडा और टंट्या मामा के साथ एक आदिवासी युवक का चित्रण, जो अपने संवैधानिक ST (आदिवासी) प्रमाण पत्र और भारत के संविधान को दिखा रहा है। पोस्टर में अनुच्छेद 342-366 के तहत आदिवासियों के विशेष अधिकारों, जल-जंगल-जमीन के संघर्ष और संवैधानिक सुरक्षा का संदेश दिया गया है।"

प्रस्तावना: बेलन घाटी से भीमबेटका तक—शहीदों के रक्त से सींचा हमारा इतिहास ​आज adivasilaw.in पर एक ऐसा सच बयां हो रहा है जो आपकी रगों में दौड़ते उस गौरव को जगा देगा। हमारा इतिहास बेलन नदी घाटी की खुदाई से लेकर विंध्याचल, सतपुड़ा और अरावली की पर्वतमालाओं तक फैला है। भीमबेटका की गुफाओं की चित्रकारी … Read more