ADIVASI LAW

रूढ़ि प्रथा, पारंपरिक ग्राम सभा 13,3(क)

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रूढ़ि प्रथा, पारंपरिक ग्राम सभा 13,3(क)

"रूढ़ि प्रथा पारंपरिक ग्राम सभा"

“ग्राम सभा: संविधान की सर्वोच्च शक्ति | PESA कानून की गारंटी”

“जोहार

साथियों! आज हम एक बहुत ही गंभीर विषय पर बात कर रहे हैं। हमारे आदिवासी क्षेत्रों में, सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि हमारी ‘ग्राम सभा’ सर्वोच्च है। यह कोई साधारण सभा नहीं है, बल्कि संविधान की अनुच्छेद 13(3)(क) और PESA कानून द्वारा मान्यता प्राप्त हमारी प्राकृतिक संसद है।ग्राम सभा की सर्वोच्च शक्ति और संविधान की गारंटी:हमारी परंपरा, हमारा कानून: संविधान और PESA कानून केंद्र और राज्य सरकार दोनों को मजबूर करते हैं कि वे हमारी रूढ़ि प्रथा (Customary Law) और संस्कृति का सम्मान करें। ग्राम सभा इस परंपरा की रक्षक है।सरकारी पंचायत से ऊपर: PESA एक्ट स्पष्ट करता है कि पंचायत को हमारे पारंपरिक क्षेत्रों में कोई भी फैसला लेने से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेनी होगी। ग्राम सभा की शक्ति पंचायत से भी बढ़कर है।स्वशासन का अधिकार: ग्राम सभा हमें अपना जीवन, अपनी जमीन और अपने संसाधनों पर खुद शासन करने का अधिकार देती है, जिसे कोई बाहरी कानून नहीं छीन सकता।यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी ग्राम सभा को मजबूत करें और अपने संवैधानिक अधिकारों को पहचानें।”

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जोहार! मैं आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, रूढ़ि प्रथा और पारंपरिक ग्राम सभा की रक्षा के लिए समर्पित हूँ। adivasilaw.in के माध्यम से मेरा लक्ष्य हर गांव तक अनुच्छेद 13,3(क), 244(1) और PESA एक्ट की सही जानकारी पहुँचाना है ताकि हमारी ग्राम सभा सशक्त और स्वायत्त बनी रहे।"